क्रियात्मक अनुसन्धान: वर्तमान शिक्षा का भविष्य

Authors

  • डाॅ0 अनिल कुमार पाण्डेय एसोशिएट प्रोफेसर (शिक्षा शास्त्र विभाग) बी0एस0एन0वी0पी0जी0 काॅलेज, लखनऊ Author

Keywords:

क्रियान्यवयन, पाठ्यक्रम, सुरुचिपूर्ण, यान्त्रिक, जड़वत्, शैक्षिक प्रशासक, समाधानात्मक शिक्षण एवं शिक्षार्थी

Abstract

राष्ट्रीय संकल्पों, व्यक्ति की आवश्यकताओं एवं मानव के मनोदैहिक पक्षों को ध्यान में रखकर बनाए गए शैक्षिक पाठ्यक्रमों एवं उसके क्रियान्यवयन में शिक्षण सम्बन्धी उत्पन्न धरातलीय विसंगतियों के समाधान हेतु शिक्षकों, शैक्षिक प्रशासकों द्वारा किए गए ऐसे सीमित अध्ययन जो अध्यापन कौशल में गुणात्मक परिवर्तन करते हुए विषय को रुचिकर और प्रभावी बना दे; इन्ही संकल्पों की सिद्धि हेतु किए गए अध्ययन क्रियात्मक अनुसंधान के रूप में जाने जाते हैं। क्रियात्मक अनुसंधान किसी एक उद्देश्य को लेकर किया गया संक्षिप्त स्थानीय अध्ययन है, जिससे शिक्षक, प्रशासक एवं अन्य हितधारी क्रियान्यवयनकर्ता अपने में गुणात्मक सुधार लाते हुए यन्त्रवत् संचालित विद्यालयों के वातावरण में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए आकर्षक, प्रभावशील एवं विद्यार्थी मनोनुकूल बनाने में सक्षम होते हैं। इस प्रकार क्रियात्मक अनुसंधान नित-नूतन बदलते हुए परिवेश में शैक्षिक विषयों के स्थानान्तरण में प्रबल सकारात्मक भूमिका का निर्वहन करते हुए समाधानात्मक संक्रिया का मार्ग प्रस्तुत कर निर्धारित संकल्पों की सिद्धि में बाधक प्रत्ययों की नकारात्मकता से निजात दिला पाने वाले भविष्यांेन्मुख अध्ययन होगें, जो प्रकारान्तर में उत्पन्न बाधाओं का उद्भव स्थल पर ही समाधान प्रस्तुत करने में वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

References

Published

2021-09-29