उपिनषद् वााय म कासयतउव

Authors

  • डॉ0 योगेत्रइ कुमार िसंह Author

Keywords:

उपिनषद्, का[यतrव

Abstract

तुत शोध प
 म  उपिनषद् वाqय म  समािहत का[यतrव पर काश डाला गया है । का[यशािYय ने का[यशाY के िविभ=न
आयाम के अ=तगत गुण, अलङ्कार तथा रीित के tदयावजक िस7ांत का मनोरम ासाद खड़ा िकया है।उपिनषद म 
शfदालङ्कार अथालङ्कार के उदाहरण पदे - पदे उपलfध होता हA। शfदालङ्कार म  लाटानुास, यमक , अथालङ्कार म 
उपमा का िववेचन स6यक 9प से ाu होता है। िशIय को आFमतFव का बोध कराने म  मनीषी आचायv ने बह]शः उपमा का ही
उदाहरण तुत िकया है । उपिनषद म  का[य के तीन गुण म  से माधुय और साद का िविधवत् िववेचन ाu होता है जो परवतw
किव पर6परा के िलए उपजी[य का काय िकए हA। इसी कार िजसे वामन ने का[य क आFमा घोिषत िकया उन चार कार क
रीितय म  से वैदभw के लािलFयपूण उदाहरण पुIकलiपेण उपिनषद म  ाu होते हA। आचाय आन=दवधन Xारा िजस &विन माग क
थापना का[य माग म  क गई उसका भी वणन रोह 9प म  उपिनषद म  ाu होता है। इस कार तुत शोध प
 म  का[य के
िविभ=न तrव का िववेचन िकया गया है जो पूणतः मौिलक है।

References

Published

2023-09-29