उपिनषद् वााय म कासयतउव
Keywords:
उपिनषद्, का[यतrवAbstract
तुत शोध प
म उपिनषद् वाqय म समािहत का[यतrव पर काश डाला गया है । का[यशािYय ने का[यशाY के िविभ=न
आयाम के अ=तगत गुण, अलङ्कार तथा रीित के tदयावजक िस7ांत का मनोरम ासाद खड़ा िकया है।उपिनषद म
शfदालङ्कार अथालङ्कार के उदाहरण पदे - पदे उपलfध होता हA। शfदालङ्कार म लाटानुास, यमक , अथालङ्कार म
उपमा का िववेचन स6यक 9प से ाu होता है। िशIय को आFमतFव का बोध कराने म मनीषी आचायv ने बह]शः उपमा का ही
उदाहरण तुत िकया है । उपिनषद म का[य के तीन गुण म से माधुय और साद का िविधवत् िववेचन ाu होता है जो परवतw
किव पर6परा के िलए उपजी[य का काय िकए हA। इसी कार िजसे वामन ने का[य क आFमा घोिषत िकया उन चार कार क
रीितय म से वैदभw के लािलFयपूण उदाहरण पुIकलiपेण उपिनषद म ाu होते हA। आचाय आन=दवधन Xारा िजस &विन माग क
थापना का[य माग म क गई उसका भी वणन रोह 9प म उपिनषद म ाu होता है। इस कार तुत शोध प
म का[य के
िविभ=न तrव का िववेचन िकया गया है जो पूणतः मौिलक है।