िाध्र्मिक स्तर के छािों की िैमक्षक उपलमब्ि िें िावनात्िक बुमद्दििा की िूमिका का मवश्लेर्षणात्िक अध्र्र्न
Keywords:
भािनात्मक िुमिमिाए शैमक्षक उपलमब्धए आत्म सम्प्रत्ययए कायय मनष्पादनए तनाि मुमक्तए मानमसक स्िास््यए सामामजक संबंध।Abstract
संिेगात्मक िुमि का सम्प्रत्यय एक निीन अिधारणा है भािनात्मक िुमिमिा का छात्रों की शैमक्षक उपलमब्ध में महत्ि िढ़ता ही जा रहा है। ितयमान समय में हमारे समाज में यह प्रचलन है मक अमधक िुमिलमब्ध िाले व्यमक्त मशक्षाए रोजगारए जीिन के अन्य क्षेत्रों में कम िुमिलमब्ध िाले व्यमक्तयों की तुलना में अमधक सफल मसि होते हैंए परन्तु मनोिैज्ञामनको के अनुसार. अमधक िुमिलमब्ध का होना ही सफलता की गारंटी नहीं है िरन् सफलता के मलए संिेदनात्मक िुमिए सहयोग तथा पाररिाररक पृष्ठभूमम जैसे कारक भी साथयक भूममका मनभाते हैं।
जीिन के व्यापक क्षेत्र में आगे िढ़ने तथा सफलता प्राप्त करने के मलए संिेदनात्मक िुमि िहुत महत्िपूणय होती हैं। मिश्लेषणात्मकएसजयनात्मक तथा व्यािहाररकता में उमचत समन्िय से संिेदनात्मक िुमि का अमधकतम मिकास मकया जा सकता है। भािनात्मक िुमिमिा व्यमक्तयों की संज्ञानात्मक क्षमता को उन्नत िनाए रखने के साथ.साथ जीिन के हर पहलु को सफलता की ऊंचाईयों तक पहुंचाने में सहायक भूममका मनभाती हैं। आधुमनक युग में व्यमक्त को अपनी भािात्मक िुमिमिा को स्िस्थ िनाए रखने की अत्यमधक आिश्यकता है ्योंमक व्यमक्त की अन्य सफलताएं संिेगात्मक िुमि पर ही केंमद्रत है। इस शोध पत्र का उद्देश्य भािनात्मक िुमिमिा के शोध आधाररत मॉडल को देखना ि छात्रों की शैमक्षक उपलमब्ध में भािनात्मक िुमिमिा की भूममका का अध्ययन करना हैं।