दृमि मदव्र्ािंग मवद्यामथयर्ों हेतु सुगम्र् गमणतः चुनौमतर्ाँ एविं सिंिावनाएिं

Authors

  • अनुरुद्द मसिंह एम.एि, दृश????बाशधताथि शिभाग, िॉ. शकुंतला शमिा राष्रीय पुनिािस शिश्वशिद्यालय, लखनऊ Author
  • डॉ. आद्या िमि रार् सह आचायाि, शिशेष शशक्षा संकाय, िॉ. शकुंतला शमिा राष्रीय पुनिािस शिश्वशिद्यालय, लखनऊ Author

Keywords:

गमणतीय अिधारणाएं, दृमििामधत मिद्याथी, ब्रेल मलमप, स्पशयनीय सामग्री, अमूतय प्रत्यय, तकनीकी उपकरण, समािेशी मशक्षा, अिेकस, आत्ममिश्वास, शैक्षमणक नीमतयां

Abstract

दृमििामधत मिद्याथी के मलए भी गमणत उतना ही महत्िपूणय है मजतना अन्य मिद्यामथययों के मलए। ऐसा कोई कारण नहीं है मक दृमििामधत मिद्यामथययों को गमणत नहीं पढ़ाया जाए । एक दृमििामधत मिद्याथी को अमूतय धारणाओं को मूतय रूप देकर व्यिमस्थत रूप से सीखाने की आिश्यकता होती है। ्योंमक िे दृमििान मिद्यामथययों की तरह पररिेश से संयोगिश कुछ नहीं सीखते हैं। गमणतीय अिधारणाओं को समझने के मलए दृमििामधत छात्रों को मिशेष तकनीकों और उपकरणों की आिश्यकता होती है । जैसे अिेकस टेलर फ्रेम का टे्सटाइल ग्राफ रेज्ड लाइन ग्राफ और ज्यामममत के मॉडल्स तैयार मकया जा सकते हैं ।
यह शोध पत्र गमणतीय अिधारणाओं को दृमिमदव्यांग मिद्यामथययों के मलए सुगम्य िनाने की चुनौमतयों और संभािनाओं का मिश्लेषण करता है। इसमें िताया गया है मक अध्ययन में इस िात पर जोर मदया गया है मक ब्रेल मलमप, अिेकस और स्पशयनीय साममग्रयों का प्रयोग गमणत मसखाने में महत्िपूणय भूममका मनभा सकता है। इसके अलािा, समािेशी मशक्षा और मशक्षकों की तैयारी पर भी चचाय की गई है, मजससे दृमििामधत छात्रों के आत्ममिश्वास में िृमि हो सके और उन्हें प्रभािी रूप से गमणत मसखाया जा सके।

References

Published

2024-09-30