मिमित अनुसिंिान पद्दमत- एक अवलोकन

Authors

  • रमश्ि मिपाठी शोध छात्रा, शशक्षाशास्त्र शिभाग, लखनऊ शिश्वशिद्यालय, लखनऊ Author
  • डॉ ििंजुल मिवेदी सहायक प्रोफेसर, शशक्षाशास्त्र शिभाग, बी.एस.एन.िी.पी.जी. कालेज, लखनऊ Author

Keywords:

मममित अनुसन्धान, गुणात्मक मिमध, मात्रात्मक मिमध, अमभकल्प, पररितंकारी मडज़ाइन, समानान्तर, व्याययात्मक अनुक्रममक,खोजपूणय अनुक्रममक।

Abstract

शोध ्या है? निीन ज्ञान का अन्िेषण अथिा मिद्यमान ज्ञान में कुछ निीन जोडना। ज्ञान के अन्िेषण की कई मिमधयां हैं मजनमें गुणात्मक मिमध, ि मात्रात्मक मिमध, प्रमुख हैं। समय के साथ-साथ 1930 ई0 के आस पास मिश्व के कुछ मशक्षामिद ि समाज िैज्ञामनक मिमभन्न मिमधयों से आंकडा संग्रहण करने लगे । मममित अनुसंधान मिमध मशक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में एक निाचार है। यह ज्ञान के अन्िेषण की एक ऐसी निींतम मिमध है मजसमें गुणात्मक ि मात्रात्मक मिमधयों के गुण मिद्यमान है। मममित अनुसंधान मिमध 2011 में एक नये शोध उपागम के रूप में अमस्तत्ि में आया मजसका िेय क्रेशिेल ि ललानो ्लाकय को जाता है। प्रस्तुत शोध पत्र में इस निीन शोध उपागम का मिस्तार से अध्ययन करते हुए इसके मिमभन्न अमभकल्पों ि गुण दोषों पर प्रकाश डाला गया है, मजसके मलये मिषय िस्तु मिश्लेषण मिमध का प्रयोग मकया गया है।

References

Published

2024-09-30