राष्ट्रीय एकता अखण्िता के शहतशचंतक: अटल शिहारी वाजपेयी

Authors

  • दीप शसंह तोिर इशिहास अध्ययनशाला, जीिाजी शिश्वशिद्यालय ग्िाशलयर, मप्र, भारि (474006) Author

Keywords:

एििा, अखंडिा, कहिकचंिि, अटिकबहारी, राष्ट्रीय गौरव

Abstract

अटि कबहारी वाजपेयी भारिीय राजनीकि िे ऐसे युगद्रिा नेिा र्थे कजन्होंने राष्ट्रीय एििा और अखंडिा िो अपने जीवन िा मूि उ????ेश्य बनाया। उनिा व्यकित्व संयम, सकहष्ट्र्ुिा और कववेि िा प्रिीि र्था। उन्होंने सदैव दिगि राजनीकि से ऊपर उठिर राष्ट्रकहि िो सवोपरर रखा। संसद में उनिा संवाद मयाणकदि और संिुकिि होिा र्था, कजससे िोििांकत्रि मूल्यों िो बि कमिा । उन्होंने भाषायी कवकवधिा िो सम्मान देिे ह ए सभी भारिीय भाषाओं िो समान महत्व कदया और भारिीयिा िी भावना िो आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री िे रूप में उन्होंने पोखरर् परमार्ु परीक्षर् िर भारि िी सुरक्षा िो सुदृढ़ किया, िारकगि युद्द में दृढ़ नेिृत्व देिर देि िो एिजुट किया, और उत्तर पूवण व िश्मीर में संवाद और कविास आधाररि नीकियाुँ अपनाईं । कविास योजनाओं जैसे स्वकर्णम चिुभुणज योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़ि योजना िे माध्यम से उन्होंने देि िे भौगोकिि एिीिरर् िो बि कदया। सूचना प्रौद्योकगिी और संचार क्रांकि िो बढ़ावा देिर उन्होंने युवाओं िो एि नया मागण कदखाया। धाकमणि सकहष्ट्र्ुिा और िांकिपूर्ण संवाद में उनिा अटूट कविास र्था। वे भारि िो कसफण एि भूगोि नहीं, बकल्ि एि सांस्िृकिि और आध्याकत्मि इिाई मानिे र्थे। उनिे कवचार, नेिृत्व और जीवन िैिी ने भारि िो एिजुट रखने में ऐकिहाकसि भूकमिा कनभाई।

References

Published

2025-03-31