स्वामी वववेकानन्द के शैविक ववचार एवं राष्ट्रीय वशिा नीवि 2020 : वशिा के पररप्रेक्ष्य

Authors

  • अंशुमान गुप्ता लाइब्रेरी प्रशिक्षु, पी०के० केलकर लाइब्रेरी, आई०आई०टी० कानपुर Author
  • अरविन्द कुमार साहु िोध छात्र, शिक्षा संकाय, बी०एच०यू०, वाराणसी Author

DOI:

https://doi.org/10.67088/veethika/v16.i2.40

Keywords:

स्वामी शववेकानन्द,, राष्ट्रीय शिक्षा नीशत 0202,, िैशक्षक शवचार, िैशक्षक समसामशयकता

Abstract

शिक्षा राष्ट्र के शनमााण में महत्वपूणा भूशमकाओं का शियान्वयन करती है। शिक्षा का स्थापत्य शवशभन्न दािाशनकों के शवचारों के माध्यम से फलीभूत होता है। भारत में प्राचीन काल से वतामान समय तक शवशभन्न दािाशनकों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान शदया है। स्वामी शववेकानन्द को शिक्षा के क्षेत्र में एक महान दािाशनक के रूप में पररगशणत शकया जाता है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुझाव प्रदान शकए हैं। यह अध्ययन स्वामीजी के दो प्रमुख िैशक्षक आयाम, शिक्षा के उ????ेश्य, एवं शिक्षण शवशधयों के नव शनशमात राष्ट्रीय शिक्षा नीशत 2020 के सुझावों के सशहत सामंजस्य स्थाशपत करने की ओर केंशित है। स्वामी शववेकानन्द एवं शिक्षा नीशत िैशक्षक उ????ेश्य के मानक पर शवशभन्न शबन्दुओं में सामंजस्य रखती है। शिक्षण पद्दशत के मानक पर केन्िीयकरण की शवशध, प्रश्नोत्तर शवशध, भ्रमण एवं शियाशवशध, कहानी कथा शवशध इत्याशद पर एक दूसरे से मात्राशधक रूप में संबंशधत प्रतीत होता है। अशपतु व्याख्यान शवशध, अनुकरण शवशध एवं व्यशिगत शनदेिन एवं परामिा शवशध के क्षेत्रों में उभय में कोई संबंध प्रतीत नहीं होता है।

Author Biography

  • अंशुमान गुप्ता, लाइब्रेरी प्रशिक्षु, पी०के० केलकर लाइब्रेरी, आई०आई०टी० कानपुर


    liamE 

References

Published

2026-06-25