राष्ट्रीय शिक्षा नीशि 2020 में वशणिि बहुशवषयक शिक्षा (Multidisciplinary) की प्रासंशिकिा और शवकशसि भारि @2047

Authors

  • डॉ. रशमम चिुवेदी सहायक प्राध्यापक, ििक्षािास्त्र ,अटल िबहारी वाजपेयी िहिंदी िवश्विवद्यालय, भोपाल मध्यप्रदेि Author

DOI:

https://doi.org/10.67088/veethika/v16.i2.39

Keywords:

राष्ट्रीय शिक्षा नीशि,, बहुशिषयक शिक्षा, शिकशसि भारि

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीशि (NEP) 2020 स्पष्ट रूप से "बहुशिषयकिा" (Multidisciplinarity) पर जोर देिी है।इसके पैरा 4.21 में कला और शिज्ञान के बीच की कठोर सीमाओं को समाप्त करने की बाि कही गई है. लोक शिद्या: भारि के पारंपररक ज्ञान को मुख्यधारा की शिक्षा में िाशमल करना STEAM का ही एक रूप है। नीशि मानिी है शक िैचाररक स्पष्टिा मािृभाषा और साशहत्य के माध्यम से ही संभि है, जो िैज्ञाशनक िोध के शलए अशनिायय है।नीशि के अनुसार शिकशसि भारि के शलए औपशनिेशिक ज्ञान संरचनाओं से मुशि और सभ्यिागि आत्मबोध आिश्यक है.मैकाले की शिक्षा पद्धशि ने शिज्ञान को कला से अलग कर शदया, शजससे भारिीय मेधा 'श्रशमक' (Labor) बनकर रह गई, 'सजयक' (Creator) नहीं। STEAM (शिज्ञान, िकनीक, इंजीशनयररंग, कला और गशिि) केिल शिषयों का समूह नहीं, बशकक एक समग्र सोच है। भारि के शलए 2047 िक 'शिकशसि' होने का अर्य है अपनी जडों से जुडकर आधुशनकिा को पररभाशषि करना। 'A' (Arts) यहााँ केिल सौंदययिास्त्र नहीं, बशकक 'निाचार की जननी' है। STEAM शिक्षा जब भारिीय कलाओं के माध्यम से दी जाएगी, िो छात्र पशिमी शसद्धांिों को रटने के बजाय अपने पररिेि से शसद्धांि गढ़ेंगे। िदनुसार इस िोध आलेख में उन कुछ क्षेत्रों का संशक्षप्त पररचय शदया गया है जो बहुशिषयक शिक्षा के प्रसार के शलए िोधकिायओं हेिु प्रारंशभक आधार बन सकिे हैं ।

Author Biography

  • डॉ. रशमम चिुवेदी, सहायक प्राध्यापक, ििक्षािास्त्र ,अटल िबहारी वाजपेयी िहिंदी िवश्विवद्यालय, भोपाल मध्यप्रदेि

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Published

2026-06-25