बौद्ध संघ की भिक्षुणियां एवं उनकी वेशभूषा

Authors

  • डाॅ0 वन्दना संत सहायक प्रोफेसर-प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व, नारी शिक्षा निकेतन पी0जी0 काॅलेज ,लखनऊ Author

Keywords:

त्रिचीवर, उत्तरासंग, अन्तर्वसक, चरणपावुरण, संकच्छिक, उदकसाटिका

Abstract

बौद्ध ग्रन्थों विशेष रूप से थेरीगाथा, उसकी टीकाओं, विनयपिटक एवं धम्मपद से थेरियों (भिक्षुणियों) के जीवन पर प्रकाश पड़ता है। ये ग्रन्थ उनके दैनिक क्रियाकलापों, धार्मिक कार्यों, रहन-सहन, खान-पान, वेश-भूषा, भिक्षुओं के साथ उनके वात्र्तालाप,
 जन-सामान्य के साथ व्यवहार आदि की जानकारी प्रदान करते
 हैं । संघ का पवित्र वातावरण भिक्षुणियों को आध्यात्म्कि जीवन जीने की पे्ररणा देता था। हृदय की पवित्रता व शुचिता का विशेष ध्यान रखना पड़ता था। पूर्ण संयम से रहती हुई ये भिक्षुणियाँ सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धंात का अनुपालन करती थीं । उनके
 वस्त्रों में भी यही सादगी प्रतिबिम्बित होती थी। प्रस्तुत शोध पत्र में संघ मे निवास करने वाली भिक्षुणियों की वेशभूषा एवं उससे
 सम्बंधित नियमों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है।

References

Published

2015-09-29