ग्रामीण विकास में सूचना प्रौद्योगिकीः संभावनाएं तथा चुनौतियाँ

Authors

  • कु० पिंकी शोध छात्रा, समाजशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ Author

Keywords:

ग्रामीण विकास, दक्षता, नवाचार, युवा-महिला सशक्तिकरण, डिजिटल साक्षरता, कृषि

Abstract

भारत का वास्तविक विकास ग्रामीण विकास से ही संभव है। ग्रामीण विकास का अभिप्राय, उसके सम्पूर्ण स्वरूप में ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापक विकास से है तथा इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी का उद्देश्य लोगों द्वारा ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के निर्माण और कार्यान्वयन में सहभागिता के साथ-साथ दक्षता, खुलापन और अनुक्रिया-शीलता लाना है। उन सभी आयामों (कृषि, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य-सफाई आवास) जिन पर ग्रामीण विकास की आधारशिला है, सूचना प्रौद्योगिकीद्वारा नवनिर्मित, नवाचारों इत्यादि को जन-जन तक पहुँचाना है। 156 करोड़ भारतीय ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाने तथा नए, रोजगार, सृजन, परिवहन, बिजली और इंटरनेट में निवेश की बहुत आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को पूरा करने हेतु प्रधानमंत्री डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत 31 मार्च, 2019 तक प्रत्येक पात्र परिवार के सदस्य को डिजिटल माध्यमों पर साक्षर बनाने पर बल दिया गया है। प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य वर्तमान ग्रामीण विकास में सूचना प्रौद्योगिकीकी भूमिका, संभावनाओं तथा चुनौतियों की विवेचना एवं विश्लेषण करना है। शोध पत्र हेतु तथ्य संकलन के लिए प्राथमिक एवं द्वितीयक सामग्री का प्रयोग किया गया है।

References

Published

2019-09-29