सेवापूवव शिक्षकों की शिक्षण क्षमता शवकशसत करने में शिक्षक प्रशिक्षण कार्वक्रमों की भूशमका: शवकशसत भारत 2047 के संदभव में

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  • शनिा र्ादव शोध छात्रा, शशक्षाशास्त्र शिभाग लखनऊ शिश्वशिद्यालय, लखनऊ Author

Keywords:

सेवापूवव शिक्षक, शिक्षण क्षमता, शिक्षक शिक्षा संगठन, शिक्षक प्रशिक्षण कार्वक्रम।

Abstract

शवकशसत भारत 2047 के संदभव में शिक्षा में गुणात्मक पररवतवन हेतु राष्ट्रीर् शिक्षा नीशत 2020 सकारात्मक व महत्वपूणव भूशमका शनभाएगी; ऐसी उम्मीद है।राष्ट्रीर् शिक्षा नीशत 2020 के सफल और प्रभावी शक्रर्ान्वर्न में शिक्षकों की भूशमका सबसे अहम है। एनईपी भारत के संपूणव शिक्षा क्षेत्र के पुनवगठन की शसफाररि करती हैं और भारत को बदलने के शलए बुशनर्ादी साक्षरता एवं संख्र्ात्मकता कौिल की ओर उन्मुख हैं। शकसी भी शिक्षा नीशत की सफलता उसके राष्ट्र के शवश्वास और प्रर्ासों पर शनभवर करती हैं। शिक्षकों को एनईपी के मूल भाव, उद्देश्र् लक्ष्र् और आदिव वाक्र् को शवस्तार से समझने में सशक्रर् होना चाशहए तथा सतत् व्र्ावसाशर्क शवकास कार्वक्रमों, प्रशिक्षणों, शवशभन्न स्तरों सेशमनार, कार्विालाओं और सम्मेलनों में भागीदारी के माध्र्म से स्वर्ं को उन्नत करना चाशहए। इनके शलए सेवा पूवव एवं सेवाकालीन दोनों स्तरों पर अध्र्ापक शिक्षा कार्वक्रम आर्ोशित करके शिक्षकों को सहर्ोग प्रदान करना चाशहए ।
गुणवत्तापूणव शिक्षा हर राष्ट्र की ताकत है और र्ह सक्षम शिक्षकों पर ही शनभवर है इसशलए शिक्षकों को प्रशिक्षण कार्व में आने से पूवव ही उन्हें इंटनवशिप, शिक्षक प्रशिक्षण कार्वक्रमों के माध्र्म से शिक्षण कार्व का प्रशिक्षण देना आवश्र्क हो िाता हैं। िो सेवा- पूवव शिक्षकों को प्रभावी ढंग से शिक्षण प्रशक्रर्ा को संचाशलत करने में सक्षम बनाते हैं शिससे वह शवषर् की शनपुणता रखने वाला ही नहीं होता, बशकक वह अपने शिक्षण को इस प्रकार प्रस्तुत करता है शक छात्र आसानी से सीख सकें और ज्ञान को व्र्ावहाररक रूप से लागू कर सके। र्ह िोध पत्र सेवा पूवव शिक्षकों की शिक्षण क्षमता शवकशसत करने में शिक्षक प्रशिक्षण कार्वक्रमों की प्रभाविीलता का अध्र्र्न शवकशसत भारत 2047 के संदभव में करना है। आधुशनकीकरण के इस दौर में शिक्षकों के शलए शिशिटल उपकरणों एवं आनलाइन शिक्षण संसाधनों का उपर्ोग करना आवश्र्क हो गर्ा है इसके साथ शिक्षक को छात्रों के साथ मधुर संबंध बनाने, उनकी समस्र्ाओं को समझने, सुलझाने और उन्हें उशचत मागवदिवन देने की क्षमता भी होनी चाशहए। शिक्षक, शवद्याशथवर्ों के िीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के शलए एक आदिव के रूप में कार्व करते हैं। अंततः र्ह शनष्ट्कषव प्रस्तुत करता है शक शिक्षक प्रशिक्षण में शनरन्तर सुधार और अद्यतन गुणवत्ता सुशनशित करना अशनवार्व हो िाता है ताशक भशवष्ट्र् की शशक्षा प्रभािी ढंग से तैयार की जा सके। शजससे आदशश नागररकों का शनर्ाशण हो सके और सम्पूणश भारत का भशिष्य उज्जज्जिल हो।

References

Published

2025-09-30