एक कहानी यह भी रू स्त्री जीवन की व्यथा-कथा

Authors

  • डॉ पल्लवी प्रकाश असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, हिंदी, एस.एन.डी.टी महिला विश्वविद्यालय, चर्चगेट, मुंबई Author

Keywords:

मन्नू भंडारी, एक कहानी यह भी, स्त्री-जीवन, आत्मकथा, व्यथा

Abstract

एक कहानी यह भी” में मन्नू भंडारी ने अपने लेखकीय जीवन के साथ-साथ अपने पारिवारिक जीवन और अपनी रचना दृष्टि के निर्माण की भी कहानी कही है। यह उनकी आत्मकथा नहीं है, क्योंकि जीवन के एक कालखंड पर ही मन्नू भंडारी विस्तार से चर्चा करती हैं लेकिन इसमें उनके समय की सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक और राजनीतिक हलचलों को बखूबी महसूस किया जा सकता है जो उनकी रचना-यात्रा में सहायक और प्रेरक रहे। एक प्रसिद्ध लेखक की पत्नी होने के कारण यश और कीर्ति अगर एक ओर स्वाभाविक रूप से मन्नू भंडारी के हिस्से आये तो दूसरी तरफ एक आत्मकेंद्रित और स्वार्थी पति की पत्नी होने के दुःख भी झेलने पड़े.जीवन के कई भयावह और कुरूप झंझावतों के बीच से मन्नूजी गुजरती रहीं, लेकिन उनकी जिजीविषा, धैर्य और रचनात्मक संकल्प अटूट रहें. एक स्त्री के रूप में मन्नू भंडारी की त्रासद जीवन-स्थितियों को जानने का प्रयास प्रस्तुत शोधपत्र में किया गया है.

References

Published

2021-09-29