डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम का कविरूप

Authors

  • डाॅ0 मंजरी खन्ना एसोशियेट प्रोफेसर, हिन्दी नारी शिक्षा निकेतन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कैसरबाग, लखनऊ Author

Keywords:

कलाम , राष्ट्रपति , विकसित भारत , वैज्ञानिक, जीवन-वृ़क्ष, स्वप्न।

Abstract

भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित, मिसाइल मैन के नाम से प्रख्यात भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति अबुल पाकिर जैनुल आबेदीन अब्दुल कलाम समस्त भारतवासियों के लिये एक आदर्श हंै। अपूर्व मेधावान, महान वैज्ञानिक, जननायक, उत्कृष्ट शिक्षक, प्रबुद्ध लेखक और चिंतनषील विचारक कलाम साहब विकसित भारत का स्वप्न देखने वाले एक कर्मठ स्वप्नद्रष्टा थे। एक वैज्ञानिक और एक राष्ट्रभक्त के रूप में तो सभी उनसे परिचित हैं परन्तु उनके व्यक्तित्व केे एक अन्य पहलू से प्रायः सभी अनभिज्ञ है और वह है उनका कविरूप। कलाम साहब अत्यन्त संवेदनशील और सहृदय कवि भी थे। विभिन्न अवसरों पर उनके द्वारा तमिल और अंग्रेजी भाषा में लिखी गई 49 कविताओं का हिन्दी अनुवाद ‘जीवन-वृक्ष’ नाम से प्रकाषित है। ये मात्र कविताएॅ ही नहीं है वरन् कलाम साहब के निष्छल और पवित्र मन का या यों कहिए कि उनके व्यक्तित्व का आइना है। भले ही शिल्पगत दृष्टि से इन कविताओं का विषेष महत्व न हो परन्तु उसमें जो संदेश निहित हैं वो अनमोल हैं।

References

Published

2021-09-29