आधुनिकता एंव भारतीय संस्कृति
Keywords:
आधुनिकता, भारतीय संस्कृति, उत्तर आधुनिकता, वैश्वीकरण, पुनर्जागरण, प्रबोधन, वाणिज्यिक क्रान्ति, औद्योगिक क्रान्ति, फ्रांसीसी क्रान्ति, तर्कसंगतता, विध्वंस समाज ।Abstract
समकालीन भारतीय समाज आधुनिकता से आगे उत्तर आधुनिकता के दौर से गुजर रहा है। वैश्वीकरण के दौर में इन अवधारणाओं एंव इनके माध्यम से परिवर्तनकारी प्रक्रियाओं की व्याख्या और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। यूरोप में आधुनिकता का उदय जहाँ पुनर्जागरण एंव प्रबोधन काल के परिणाम स्वरूप हुआ भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ। ब्रिटिश शासन का अंाशिक हस्तक्षेप भारतीय परम्परा में भी हुआ तथापि इनमें कोई विशेष एंव तीव्रगामी परिवर्तन नहीं हुए। भारतीय समाज के मौलिक आधार अभी भी बने हुए हैं। आधुनिकता एक दीर्घगामी एंव समय साध्य प्रक्रिया है जिसके प्रभाव दूरगामी होंगे। तार्किकता, धर्मनिरपेक्षता, व्यक्तिवाद, अर्जन के मूल्यों पर बल, सार्वभौमवाद, मानववाद, विशिष्टता, परानुभूति, गतिशीलता, पूंजीवाद तथा लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास आधुनिकता के लक्षण हंै ये विशेषतायें आधुनिक भारतीय समाज की है। अतः आधुनिकता की ओर उन्मुख है।