भारतीय महिलाएंः आर्थिक समता की खोज
Keywords:
सम्पत्ति का अधिकार, घरेलू हिंसा, लैंगिक असमानता, पितृसत्ता, मातृसत्ता, लैंगिक अनुपात, सामाजिक विधान, सतत् विकास लक्ष्य।Abstract
भारतीय समाज की संरचना पितृसत्तात्मक है। अतः लगभग समूचे भारत में गहन लैंगिक असमानतायें विद्यमान हैं। यद्यपि गारो, खासी और नायर समुदाय इसके अपवाद हंै, जोकि मातृसत्तात्मक एंव मातृवंशीय समुदाय हैं। महिलाओं को परिवार एंव समाज; दोनों स्तरों पर सामाजिक - सांस्कृतिक, आर्थिक एंव राजनीतिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। परम्परागत रूप से स्त्रियों को सम्पति के अधिकार से वंचित रखा गया है। जो महिलायें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हैं, उनकी प्रस्थिति अत्यंत निम्न है। समाज के पितृसत्तात्मक स्वरूप एंव लिंग आधारित भेदभाव ने महिलाओं की समाजिक, राजनीतिक और आर्थिक गतिशीलता को बाधित किया है। स्त्रियाँ दोयम दर्जे का, चुनौतीपूर्ण जीवन जीने हेतु बाध्य हैं। प्रस्तुत शोध प्रपत्र में महिलाओं के आर्थिक अधिकारों एंव परिवार के भीतर तथा सामाजिक - सांस्कृतिक असमानता के विविध आयामों का वस्तुपरक विश्लेषण किया गया है। वर्तमान समय में महिलायें पूर्ण रूपेण आर्थिक अधिकारों को प्राप्त नहीं कर पाई हैं और स्थिति विभ्रम एंव द्वन्द की बनी हुई है।