पर्यावरण संरक्षण के सन्दर्भ में पर्यावरणीय नैतिकता व मानवीय मूल्य

Authors

  • डाॅ0 प्रियंका असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग आचार्य नरेन्द्र देव नगर निगम महिला महाविद्यालय,कानपुर Author

Abstract

प्रकृति, मुनष्य को ईश्वर द्वारा प्रदान किया गया सर्वश्रेष्ठ व अनमोल उपहार है। प्रकृति के आँगन में विचरण करके वह बड़ा होता है। प्रकृति समय और परिस्थितियों के अनुसार माँ की ममता के समान सुरक्षा प्रदान करती है। किन्तु यह दुर्भाग्यपूण है कि व्यक्ति आज अपने स्वार्थ के वशीभूत होकर पर्यावरण को क्षति पहुँचाने का हर सम्भव प्रयास कर रहा है। डाॅ॰ विद्यानिवास मिश्र का कथन है- ‘‘प्रकृति की संवेदनशीलता मानव को प्रभावित करती है, किन्तु जहाँ औद्योगिक विकास से अन्धे मानव ने प्रकृति की चुनौती को माना और इस पर विजय प्राप्त करने की इच्छा करने लगा यही से मानव और प्रकृति का संघर्ष हुआ, जिसका परिणाम सामने है।‘’इस उपहार को संवारने-सहेजने व सजाने का न केवल हमारा दायित्व है, कत्र्तव्य है बल्कि नैतिकता व मानवता के आधार पर भी ऐसा करना आवश्यक है

References

Published

2021-09-29