उच्च शिक्षा में नवाचार:उपादेयता एवं महत्व

Authors

  • डॉ0 जितेन्द्र सिंह गोयल असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग भारतीय महाविद्यालय, फर्रुखाबाद (उ0प्र0) Author

Keywords:

उच्च शिक्षा, गुणवत्ता, नवाचार।

Abstract

भारत में, जहां संसाधन दुर्लभ हैं, उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की सफलता के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रासंगिकता, लागत, समानता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा में गुणवत्ता की चिंता किया जाना जरुरी है। उच्च शिक्षा जीवन के सभी क्षेत्रों में मानव संसाधन की आपूर्ति करती है किसी देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास उच्च शिक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। कृषि, खाद्य सुरक्षा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीक और क्षमताओं का विकास विश्व स्तरीय उच्च शिक्षा की मदद से ही संभव हो सकता है। रोजमर्रा की चुनौतियों के कारण विश्व तेज गति से आगे बढ़ रह है और वैश्विक शैक्षिक चुनौतियों के अनुकूल होने में मदद करने के लिए शिक्षा क्षेत्र को फिर से जीवंत करने की तत्काल आवश्यकता है। भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली किसके कारण लगातार परिवर्तन और उतार-चढ़ाव की स्थिति में है? उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की बढ़ती जरूरतों, शिक्षा पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव, निजी भागीदारी में वृद्धि और वैश्वीकरण का प्रभाव, शैक्षिक और प्रशासनिक दोनों में हाई-टेक नवाचारों का उपयोग यह दर्शाता है कि हमारी शिक्षा प्रणाली अभी भी नई तकनीक के साथ सामंजस्य नहीं बैठा प्ा रही है ऐसे समय में जब हमारे शिक्षण संस्थानों से कम संसाधनों के साथ अधिक बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद की जाती है, उन्हें आसानी से उपलब्ध तकनीकी नवाचारों का उचित उपयोग करना चाहिए। समाज में उच्च शिक्षा की भूमिकाऔर सभी तक उच्च शिक्षा की पहुच को सभी वर्गों को सुनिश्चित करने हेतु यह महत्वपूर्ण है कि उच्च शिक्षा में अधिक से अधिक नवाचारों का प्रयोग और प्रोत्साहित किया जाये।

References

Published

2021-09-29