राष्ट्रीय शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा

Authors

  • रश्मि संत असि0 प्रो0, इतिहास डाॅ0 आम्बेडकर रा0 स्ना0 महाविद्यालय ऊँचाहार, रायबरेली Author

Keywords:

शिक्षा, डिजिटल, आॅनलाईन , ई-कन्टेंट, इंटरनेट, प्लेटफाॅर्म, नीति।

Abstract

किसी भी देश के विकास और प्रगति के लिए शिक्षा एक मूलभूत तत्व होता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से ही व्यक्ति का, व्यक्ति से समाज का और समाज से देश का भविष्य संवारा जा सकता है। अतः बदलती परिस्थितियों के अनुसार शिक्षा नीति का होना अत्यधिक आवश्यक है। इसलिए 21वीं सदी में एक ऐसी शिक्षा नीति की आवश्यकता महसूस होने लगी जिसके द्वारा व्यक्ति ने केवल साक्षर हो बल्कि अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित कर सके, तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ सके, आजीविका के बेहतर विकल्प ढूँढ सके, नैतिक मूल्यों के आधार पर अपनी सामाजिक और धार्मिक सोच विकसित कर सके। इन्हीं मौलिक तत्वों को ध्यान मंे रखते हुए केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डाॅ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने 29 जुलाई को नयी शिक्षा नीति को प्रस्ताव पेश किया। तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए नई शिक्षा नीति में डिजिटल शिक्षा को अत्यधिक महत्व दिया गया है और इस दिशा में आनलाईन शिक्षा के लिए कई प्रकार के प्लेटफार्म तैयार किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इण्टरनेट के माध्यम से ई-कण्टेण्ट का उपयोग कर शिक्षा हासिल कर सकें। इस तरह डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य आनलाईन गुणवत्तापरक शिक्षा का विकास करना है।

References

Published

2021-09-29