ल्सो के कृितवादी िवचारधारा क! आधुिनक सत्रदभ म उपादेयता

Authors

  • ऐख्या िसंह अिसट8ट %ोफेसर, िश1ाशा िवभाग, नवयुग कया महािवxालय, लखनऊ Author

Keywords:

कृितवादी, िनषेधाFमक िश#ा, समाज का िवरोध, बाल केि=Uत िश#ा।

Abstract

9सो कृितवादी िवचारधारा का समथक था। उसके कृितवादी िवचार का भाव उसके िशरुा स6बत्रधी िवचार पर पड़ा है।
तुत अ-ययन म  9स के मुख िवचार जैसे. मनुप्य को कृित जीवन जीने योॅय बनानाए बालकेित्रन्त िशरुा पर बलए
िनषेधाथ्मक िशरुा पर बलए सामािजक संथाओ ं का िवरोधए ाकृ ितक प/रणाम ग्ारा अनुशासन तथा ल्ी िशरुा के स6बत्रध म 
िवचार का अ-ययन िकया गया है। 9सो ने िशरुा के सभी पहलुओ ंपर िवचार िकया हएै िकत्रतु तुत अ-ययन म  िशरुा के िविभत्रन
पहलुओ ं पर 9स के िवचार का अ-ययन नर्ह िकया गया ह।ै बिम्क 9सो के ऐसे िवचार जो स6पणू िशरुा को भािवत करते हैए
का अ-ययन िकया गया है। 9सो के अनुसार. ष्स़ची िशरुा वह है जो ख्यिळ के अत्रदर से फुिटत होती हैए यह ख्यिळ क
अत्रतिनिहत शिळय क अिभख्यिळ है। तुत अ-ययन के प?ात हम 9सो के मुख िवचार का वतमान समय म  उपादेयता का
अ-ययन कर सकेग ।

References

Published

2023-09-29