झारखण्ड के पोडाहाट की िौगोमलक दिा एविं मदिारू एक ऐमतहामसक अध्र्र्न

Authors

  • पूनि कुिारी शोधाथी, रांची शिश्वशिद्यालय Author
  • डॉ . िनोज िेखर एसोशसएट प्रोफेसरए योगदा सत्संग महाशिद्यालयए रांची शिश्वशिद्यालय Author

Keywords:

पोडाहाट, जलिायु पररितयन ,मानिजमनत गमतमिमधयाँ, जैि मिमिधता, कृमष, जल संसाधन

Abstract

झारखंड के पोडाहाट राज;मसंहभूमद्ध की भौगोमलक दशा एिं मदशा एक मिशेष महत्ि रखता हैए जो चक्रधरपुर के मसंहिंश राज का एक अमभन्न अंग है। पोडाहाट राज की भौगोमलक मस्थमत छोटा.नागपुर पठार पर हैए जो झारखंड और ओमडशा के खमनज संसाधनों से भरपूर क्षेत्र में मस्थत है। पोडाहाट राज की भौगोमलक दशा में पहाडए जंगलए और नमदयाँ शाममल हैं। संजय नदी इस क्षेत्र से होकर गुजरती हैए जो इसकी जलिायु और िनस्पमतयों को प्रभामित करती है।पोडाहाट राज का ऐमतहामसक महत्ि भी िहुत अमधक हैए जो मसंहिंश राज के शासनकाल से जुडा हुआ है। यहाँ की सांस्कृमतक मिरासत में मिमभन्न त्योहार और परंपराएँ शाममल हैं।इसकी भौगोमलक दशा और मदशा जलिायु पररितयन और मानिजमनत गमतमिमधयों से प्रभामित है। यहाँ की जैि मिमिधताए कृमषए और जल संसाधनों पर भी इसका प्रभाि पडता है आज का पोडाहाट पमिमी मसंहभूम मजलों के चक्रधरपुरए िंदगाँिए सोनुआए गोईलकेराए गुदरीए मनोहरपुर और आनंदपुर नागररक मिकास खंड में फैला हुआ है। इस प्रभाग का कुल क्षेत्रफल 76401ण्65 हे्टेयर है। 22ष्20ष् से 22ष्50ष् उिरी अक्षांश और 85ष्5ष् से 85ष्30ष् पूिी देशांतर के िीच मस्थत है। मुयय पोडाहाट अभ्यारण्य कमोिेश एक सघन ब्लॉक का मनमायण करते हैंद्य कारो नदी पमिम से इसका पोषण करती है। यह उिर में खूंटी मजलेए दमक्षण में दमक्षण पूिय रेलिे की हािडा नागपुर लाइन ए पूिय में सरायकेला दृ खरसािाँ और आंमशक रूप से उडीसा सेए पमिम में मसमडेगा और खूंटी से मघरा है। पोडाहाट का महस्सा िनने िाले जंगलों को 1858 में संग्राम के िाद सरकार ने अपने कब्जे में ले मलया। िाद में उन्हें भारतीय अमधमनयम की धारा 38 के तहत अपने अमधकार में रखा। सघन िन की दृमि से भी मसंहभूम और ख़ास कर पमिमी मसंहभूम अपने आप में ममसाल है। यहाँ के पेडों की लकडी का मूल्य तो कल्पना से िाहर है। इसमलए यह क्षेत्र मिकास की कुल्हामडयों की मार भी सिसे अमधक झेल रहा है। अगर िनों को िचाने के मलए अभी से मिशेष प्रयास नहीं मकये गये तो देश में सघन िन का यह इलाका मसफय याद और इमतहास में नमूना िनकर रह जाएगा। इस शोध के पररणामस्िरूपए पोडाहाट राज की भौगोमलक दशा और मदशा के आधार पर जलिायु पररितयनए मानिजमनत गमतमिमधयोंए जैि मिमिधताए कृमषए जल संसाधन आमद के पूिय के मक्रयाकलापों के साथ ितयमान मस्थमत को सुधारने के सुझाि मदए गए हैं।

References

Published

2024-09-30